हर हाल में खुश रहना गुरुवर से सीख जाएं

 हर हाल में खुश रहना     

 (दो पक्ष में गए जाने वाला भजन) 


हर हाल में खुश रहना गुरुवर से सीख जाएं,
हर हाल में खुश रहना ऋषिवर से सीख जाएं,
विषियों से जुदा रहना गुरुवर से सीख जाएं,
विषियों से जुदा रहना ऋषिवर से सीख जाएं,
हर हाल में खुश रहना गुरुवर से सीख जाएं॥


झंझट से भाग जाना सब लोग बताते हैं,
संकट से पार जाना गुरुवर से सीख जाएं,
संकट से पार जाना ऋषिवर से सीख जाएं,
हर हाल में खुश रहना गुरुवर से सीख जाएं॥


सुख दु:ख में हंसना रोना है काम कायरों का
दोनों में मुस्कुराना गुरुवर से सीख जाएं,
दोनों में मुस्कुराना ऋषिवर से सीख जाएं,
हर हाल में खुश रहना गुरुवर से सीख जाएं॥

 

मरने के बाद मुक्ति सब लोग बताते हैं,
जीते जी मुक्त रहना गुरुवर से सीख जाएं,
जीते जी मुक्त रहना ऋषिवर से सीख जाएं,
हर हाल में खुश रहना गुरुवर से सीख जाएं॥


दुनिया के लोग दौलत पा करके मुस्कुराते,
सेवा में सब लगाना गुरुवर से सीख जाएं,
सेवा में सब लगाना ऋषिवर से सीख जाएं,
हर हाल में खुश रहना गुरुवर से सीख जाएं॥


उपदेश दूसरों को देना बड़ा सरल है,
जीवन में उसको जीना गुरुवर से सीख जाएं,
जीवन में उसको जीना ऋषिवर से सीख जाएं,
हर हाल में खुश रहना गुरुवर से सीख जाएं॥

आये सरण तिहारी विनती सुने हमारी,
बने योगी और निरोगी वैसा ही जग बनायें,
हर हाल में खुश रहना गुरुवर से सीख जाएं,
हर हाल में खुश रहना ऋषिवर से सीख जाएं॥

 




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