जीवन एक उपहार है प्रभु का

जीवन एक उपहार है प्रभु का


जीवन एक उपहार है प्रभु का, इसे प्रेम से जीना सीखो रे।

हर श्वास में नाम बसाओ, हर कर्म को पूजा बना लो रे॥


दुख-सुख आते-जाते पल हैं, पल में छाया, पल में धूप।

जो समभाव में जीना जाने, वही है सच्चा संत स्वरूप॥1


न धन साथ जाएगा कोई, न संग चलेगा अभिमान।

साथ चलेगा केवल कर्म, और हृदय का सच्चा ज्ञान॥2


दीन दुखी में ईश्वर देखो, सेवा को ही धर्म बनाओ।

अहंकार छोड़ प्रेम अपनाओ, मानव बनकर जीवन पाओ॥3


नाम सिमरन ही जीवन सार है, भक्ति ही सच्चा धन है रे।

प्रभु चरणों में मन लगाकर, जीवन सफल बनाओ रे॥

जीवन अनमोल है

 जीवन अनमोल है


जीवन अनमोल है, इसे व्यर्थ न गँवाओ रे,
हर श्वास प्रभु की है, इसे प्रेम से निभाओ रे।


ना कल अपना है, ना पल अपना है,
जो है अभी यही अपना है।
हँसकर जी ले, रोकर जी ले,
हर पल ईश्वर का सपना है॥1॥


न धन काम आएगा, न मान काम आएगा,
केवल तेरा कर्म ही साथ निभाएगा।
सेवा, सुमिरन, प्रेम की राह पर,
तेरा जीवन दीप जलाएगा॥2॥


दीन दुखी में प्रभु को देखो,
हर प्राणी में नारायण।
नफरत छोड़ो, प्रेम अपनाओ,
यही है सच्चा जीवन दर्शन॥3॥


जीवन अनमोल है, प्रभु का उपहार है,
भक्ति में जीना ही सच्चा संसार है॥

Yog Prarambh Mantra