शीर्षासन क्या है? शीर्षासन करने का सरल विधि, विशेष लाभ, सावधानी और निष्कर्ष
शीर्षासन क्या है? शीर्षासन करने का सरल विधि, विशेष लाभ, सावधानी और निष्कर्ष
शीर्षासन (Headstand) योग का एक अत्यंत प्रभावशाली और महत्वपूर्ण आसन है, जिसे "आसनों का राजा" (King of Asanas) कहा जाता है। इसमें व्यक्ति अपने
सिर के बल संतुलन बनाते हुए शरीर को सीधा रखता है। यह आसन शरीर, मन और आत्मा — तीनों के संतुलन को
बढ़ाता है।
🧘♂️ शीर्षासन क्या है?
“शीर्ष” का अर्थ है सिर और “आसन” का अर्थ है स्थिर रहने की स्थिति।
शीर्षासन
में शरीर का भार सिर और हाथों पर संतुलित रहता है। यह आसन मस्तिष्क की ओर
रक्तसंचार बढ़ाकर मस्तिष्क, तंत्रिका तंत्र और इंद्रियों को
सशक्त बनाता है।
| शीर्षासन |
✅ शीर्षासन करने की सरल विधि (Step-by-Step Method)
स्थान: शांत, साफ और समतल स्थान चुनें। योगा मैट
या दरी बिछाएँ।
- वज्रासन में
बैठ जाएँ।
- दोनों
हाथों की उँगलियों को आपस में फँसाकर सिर के आगे रखें।
- सिर का
शीर्ष (कपाल का भाग) दोनों हथेलियों के बीच ज़मीन पर टिकाएँ।
- धीरे-धीरे
घुटनों को ज़मीन से ऊपर उठाएँ और पैरों को सिर के पास लाएँ।
- शरीर
का भार सिर और हाथों पर संतुलित करें।
- एक पैर
ऊपर उठाएँ, फिर
दूसरा पैर — और शरीर को सीधा खड़ा करें।
- संतुलन
बनाए रखें और सामान्य श्वास लें।
- प्रारंभ
में 5–10
सेकंड
रुकें, अभ्यास
के साथ समय बढ़ाएँ (3–5 मिनट
तक)।
- वापस
आते समय धीरे-धीरे दोनों पैरों को नीचे लाएँ और बालासन में विश्राम
करें।
🌿 शीर्षासन के विशेष लाभ (Benefits)
🧠 मानसिक लाभ:
- मस्तिष्क
की ओर रक्त प्रवाह बढ़ाता है, स्मरण शक्ति और एकाग्रता को
सुधारता है।
- तनाव, चिंता, अवसाद को कम करता है।
- पिट्यूटरी
और पीनियल ग्रंथियों को सक्रिय करता है (Hormonal balance)।
💪 शारीरिक लाभ:
- पाचन
शक्ति और यकृत क्रिया को सुधारता है।
- चेहरे
की चमक बढ़ाता
है (रक्तसंचार बढ़ने से)।
- रीढ़, कंधे
और भुजाओं को मजबूत करता है।
- हृदय
और फेफड़ों की कार्यक्षमता में सुधार लाता है।
- वैरिकोज
वेन्स (Varicose
veins) में
लाभकारी।
🧘♀️ आध्यात्मिक लाभ:
- प्राणशक्ति
(ऊर्जा) को सहस्रार चक्र की ओर ले जाता है।
- ध्यान
की स्थिति को गहरा बनाता है।
- मन को
स्थिर और प्रसन्न रखता है।
⚠️ सावधानियाँ (Precautions)
- नए
साधक दीवार का सहारा लें या गुरु की देखरेख में अभ्यास करें।
- गर्दन, रीढ़, या
सिरदर्द, हृदय
रोग, उच्च
रक्तचाप वाले
व्यक्ति इसे न करें।
- गर्भावस्था
और मासिक धर्म के दौरान निषिद्ध है।
- कभी भी अचानक
नीचे न आएँ — धीरे-धीरे
संतुलन बनाकर उतरें।
- सुबह
खाली पेट या भोजन के 4–5 घंटे
बाद करें।
🕉️ निष्कर्ष (Conclusion)
शीर्षासन एक
अत्यंत लाभकारी योगासन है, जो शरीर, मन और आत्मा — तीनों को शक्ति, स्थिरता और संतुलन प्रदान करता है।
यह अभ्यास करने से मस्तिष्क तेज, चेहरा उज्ज्वल और शरीर ऊर्जावान बनता है।
परंतु, इसे योग शिक्षक
के मार्गदर्शन में सही विधि, संयम और सावधानी के साथ ही करना चाहिए — तभी यह
“आसनों का राजा” अपने पूर्ण लाभ देता है।
कोणासन क्या है? कोणासन खड़े होकर करने का सरल विधि, विशेष लाभ, सावधानी और निष्कर्ष
कोणासन क्या है? कोणासन खड़े होकर करने का सरल विधि, विशेष लाभ, सावधानी और निष्कर्ष
कोणासन (Konasana) क्या है?
संस्कृत में “कोण” का अर्थ है कोण (Angle) और “आसन” का अर्थ है स्थिर रहने की स्थिति। कोणासन को “एंगल पोज़” भी कहा
जाता है। यह खड़े होकर किया जाने वाला एक सरल किन्तु प्रभावी आसन है जिसमें शरीर
को दाएँ–बाएँ झुकाकर कोण बनाया जाता है। यह रीढ़, कमर और पेट की मांसपेशियों को लचीला बनाता है।
कोणासन
कोणासन करने की सरल विधि (खड़े होकर)
1. सीधे खड़े हो जाएँ, दोनों पैर लगभग 1 से 1.5 फीट की दूरी पर रखें।
2. दोनों हाथ शरीर के बगल में सीधे
रखें।
3. श्वास अंदर लें और दायाँ हाथ ऊपर
उठाएँ।
4. श्वास बाहर छोड़ते हुए धीरे–धीरे
बाईं ओर झुकें, ताकि दाएँ हाथ और शरीर के बीच एक
कोण बने।
5. इस स्थिति में 15–30 सेकंड तक रहें और सामान्य श्वास
लेते रहें।
6. फिर धीरे–धीरे वापस खड़े हो जाएँ।
7. यही क्रिया दूसरी ओर (बाएँ हाथ को
ऊपर उठाकर दाईं ओर झुककर) करें।
8. इसे 3–5 बार दोहराएँ।
विशेष लाभ
- रीढ़, कमर और कमर के किनारों (साइड
मसल्स) की जकड़न दूर करता है।
- पेट की
चर्बी कम करने में सहायक।
- फेफड़ों
की क्षमता बढ़ाता है, श्वसन
तंत्र मजबूत करता है।
- लिवर, किडनी और पाचन अंगों को
सक्रिय करता है।
- शरीर
में लचीलापन और संतुलन (Balance) बढ़ाता है।
- तनाव
और थकान कम करता है।
सावधानी
- कमर, रीढ़ या गर्दन में तीव्र दर्द
हो तो यह आसन न करें।
- स्लिप
डिस्क या गंभीर स्पॉन्डिलाइटिस वाले लोग डॉक्टर/योग विशेषज्ञ की देखरेख में
ही करें।
- गर्भवती
महिलाओं को यह आसन नहीं करना चाहिए।
- आसन
करते समय झटका न दें, धीरे–धीरे
झुकें।
- अभ्यास
खाली पेट या भोजन के 3–4 घंटे
बाद करें।
निष्कर्ष
कोणासन एक सरल लेकिन अत्यंत उपयोगी योगासन है, जो शरीर को लचीला बनाता है और
कमर–पेट की चर्बी कम करने में मदद करता है। इसे नियमित अभ्यास में शामिल करने से
पाचन शक्ति, श्वसन तंत्र और शरीर का संतुलन
बेहतर होता है। शुरुआती लोग भी इसे आसानी से कर सकते हैं, बस सावधानियों का पालन आवश्यक है।
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