गुरु वचनों को रखना संभाल
गुरु
वचनों को रखना संभाल के एक-एक वचन में गहरा राज है
जिसने जानी है महिमा गुरु की उसका डूबा कभी न
जहाज है
1. दीप जले और अँधेरा मिटे न ऐसा कभी नहीं हो सकता
-2
ज्ञान
सुने और विवेक न जागे ऐसा कभी नहीं हो सकता -2
उसकी
रोशनी से रोशन जहाँ है वो फरिश्ता बड़ा ही महान है जिसने.....
2. बीज पड़े और अंकुर न फूटे ऐसा कभी नहीं हो सकता
-2
कर्म
करे और फल न भोगे ऐसा कभी नहीं हो सकता -2
कर्म
करने को तू होशियार है फल भोगने में बड़ा ही लाचार है जिसने...
3. ठोकर लगे सतगुरु न संभाले ऐसा कभी नहीं हो सकता
-2
जब
हम पुकारें और वो न आये ऐसा कभी नहीं हो सकता -2
उसके
हाथों में सौप दे हाथ तू वो तो पल-पल तेरे साथ है जिसने.....
4. गुरु परिपूर्ण समर्पित तू हो जा धोखा कभी नहीं
खा सकता -2
लक्ष्मण
रेखा सत्संग की हो तो रावण कभी नहीं आ सकता -2
अब
तो पल –पल होता आभास है गुरु सदा ही हमारे साथ है जिसने....