सुबह की प्रार्थना

 सुबह की प्रार्थना 
(प्रातःस्मरण मंत्र) विष्णु पुराण 


मंत्र :

कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती ।
करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम् ॥


 अर्थ:

कराग्रे वसते लक्ष्मीः : हाथ के ऊपरी भाग (उंगलियों) में धन की देवी लक्ष्मी का निवास है।

करमध्ये सरस्वती: हथेली के मध्य भाग में विद्या की देवी सरस्वती विराजमान हैं।

करमूले तु गोविन्दः : हथेली के मूल (कलाई) में भगवान गोविंद (विष्णु) निवास करते हैं।


महत्व और लाभ:

सकारात्मक ऊर्जा: सुबह-सुबह इस मंत्र का जाप करने से दिनभर के लिए सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।

कर्म की प्रेरणा: यह हमें याद दिलाता है कि हमारे हाथ (कर्म) ही धन और ज्ञान के साधन हैं।

धन-ज्ञान-सुख: यह धन, ज्ञान और ईश्वर की शक्ति के प्रति श्रद्धा जगाता है। 


विधि:

सुबह उठकर आँखें खोलते ही दोनों हथेलियों को एक साथ जोड़कर पुस्तक की तरह खोलें और इस मंत्र का पाठ करते हुए हथेलियों को देखें, फिर चेहरे पर फेरें।

Yog Prarambh Mantra