वर्तमानेन कालेन

 वर्तमानेन कालेन वर्तयंती विचक्षणा: 

                                                                    (चाणक्य नीति 13/2)

बुद्धिमान मनुष्य वर्तमान की स्थिति के अनुसार ही व्यवहार करते हैं 

श्री गुरु पादुका स्तोत्रम् (हिन्दी अर्थ सहित)

  श्री गुरु पादुका स्तोत्रम् (हिन्दी अर्थ सहित)   महान दार्शनिक और संत   आदि शंकराचार्य   द्वारा रचित है। यह पवित्र स्तोत्र उन्होंने अपन...