II नाम है तेरा तारण हारा, कब तेरा दर्शन होगा II
नाम है तेरा तारण हारा, कब तेरा दर्शन होगा
जिसकी माहिमा इतनी सुंदर, वो कितना सुंदर होगा
वो कितना सुंदर होगा...
तुमने तारे लाखो प्राणी, ये संतों की वाणी है
तेरी छवि पर मेरे भगवंत, ये दुनिया दीवानी है
भाव से तेरी पूजा रचाऊं, जीवन में मंगल होगा
जिसकी माहिमा इतनी सुंदर, वो कितना सुंदर होगा...
सुरवर मुनिवर जिनके चरण में, निशदिन शीश झुकाते हैं
जो गाते हैं प्रभु की
महिमा, वो सब कुछ पा जाते हैं
अपने कष्ट मिटाने को
तेरे, चरणों का वंदन होगा
जिसकी माहिमा इतनी सुंदर, वो कितना सुंदर होगा...
मन की मुरादें लेकर स्वामी, तेरे चरणों में आये हैं
हम हैं बालक तेरे जिनवर, तेरे ही गुण गाते हैं
भव से पार उतरने को तेरे, गीतों का सरगम होगा
जिसकी माहिमा इतनी सुंदर, वो कितना सुंदर होगा...
नाम है तेरा तारण हारा, कब तेरा दर्शन होगा
जिसकी माहिमा इतनी सुंदर, वो कितना सुंदर होगा
वो कितना सुंदर होगा...