चिता दहति निर्जीवं ( श्लोक अर्थ सहित)

चिता दहति निर्जीवं, चिंता चैव सजीवकम्    

चिता निर्जीव को जलाती है , जबकि चिंता जीवन को ही जलाती रहती है 

( समयोचितपध्यमालिक )

श्री गुरु पादुका स्तोत्रम् (हिन्दी अर्थ सहित)

  श्री गुरु पादुका स्तोत्रम् (हिन्दी अर्थ सहित)   महान दार्शनिक और संत   आदि शंकराचार्य   द्वारा रचित है। यह पवित्र स्तोत्र उन्होंने अपन...